मरनेकाख़ौफ़औरघुटनओढ़ताहूँमैं
सोताहूँरातमेंतोकफ़नओढ़ताहूँमैं
चाहोतोजिस्मकाटकेतुमदेखलोमेरा
अपनेबदनपेअपनाबदनओढ़ताहूँमैं
कम्बल,रज़ाईकुछभीनहींचाहिएमुझे
रातोंमेंसिर्फ़दिनकीथकनओढ़ताहूँमैं
हरसूधधकरहींहैंगुनाहोंकीभट्टियाँ
पूरेबदनपेजैसेजलनओढ़ताहूँमैं
मुझसेेबड़ाकिसीकाभीकमरानहींयहाँ
सोताज़मीनपरहूँगगनओढ़ताहूँमैं
ख़ुशियोंकासाथरासनआयाकभीमुझे
फूलोंकीसेजपरभीचुभनओढ़ताहूँमैं
मैंएकताकीसीपमेंमहफ़ूज़हूँ"असर"
सबमौसमोंमेंगंगो-जमनओढ़ताहूँमैं