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Mahesh Natakwala
use maaloom tha vo ab hamaara ho nahin saka
use maaloom tha vo ab hamaara ho nahin saka | उसे मालूम था वो अब हमारा हो नहीं सकता
- Mahesh Natakwala
उसे
मालूम
था
वो
अब
हमारा
हो
नहीं
सकता
बिना
उसके
हमारा
तो
गुज़ारा
हो
नहीं
सकता
- Mahesh Natakwala
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आँख
वालों
को
नहीं
दिखता
है
मेरा
हौसला
पंखों
से
ही
तो
नहीं
बनता
अकेला
घोंसला
Mahesh Natakwala
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कितना
रोया
हूँ
हर
शब
मैं
बता
नहीं
सकता
वो
मिरा
है
ये
भी
अब
मैं
जता
नहीं
सकता
Mahesh Natakwala
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ख़मोशी
ये
हिकायत
हो
गई
तो
कहीं
मुझ
सेे
शरारत
हो
गई
तो
मुझे
अब
ख़ुदस
डर
लगने
लगा
है
कहीं
तुम
सेे
मुहब्बत
हो
गई
तो
यूँँ
मुझ
सेे
रोज़
मत
बातें
करो
तुम
कहीं
मुझको
ये
आदत
हो
गई
तो
अभी
मैं
कितना
ही
अच्छा
लगूँ
पर
कभी
गर
फिर
शिकायत
हो
गई
तो
सफ़र
है
कोई
मंजिल
तो
नहीं
ये
यूँँ
रुकने
की
रिवायत
हो
गई
तो
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Mahesh Natakwala
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मैं
परेशाँ
हूँ
मुझे
और
तो
परेशाँ
न
कर
तू
मिरी
जाँ
है
तू
तो
ऐसा
मेरी
जाँ
न
कर
Mahesh Natakwala
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तुम्हें
जब
देखता
हूँ
होश
अपने
मैं
खो
देता
हूँ
जुदाई
के
तसव्वुर
से
ही
तुम
सेे
मैं
रो
देता
हूँ
ख़ुदा
तू
बस
मुझे
वो
गुल
बना
जिसको
वो
भी
चू
में
तुझे
बदले
में
जो
भी
चाहिए
ले
मैं
वो
देता
हूँ
मुझे
तू
कर
दे
उसका
पू
रा
मुतक़ाबिल
न
दे
कोई
रक़ाबत
में
हमेशा
ही
मैं
सब
कुछ
बस
खो
देता
हूँ
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Mahesh Natakwala
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