hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
A R Sahil "Aleeg"
na zaahir ho chehra faqat naam ho bas meraa har zubaan par
na zaahir ho chehra faqat naam ho bas meraa har zubaan par | न ज़ाहिर हो चेहरा फ़क़त नाम हो बस मेरा हर ज़ुबाँ पर
- A R Sahil "Aleeg"
न
ज़ाहिर
हो
चेहरा
फ़क़त
नाम
हो
बस
मेरा
हर
ज़ुबाँ
पर
ज़माने
में
साहिल
मैं
शोहरत
भी
गुमनाम
ही
चाहता
हूँ
- A R Sahil "Aleeg"
Download Sher Image
बस
ख़ुद-कुशी
से
बचने
का
जरिया
है
शा'इरी
हमको
सुख़न-वरी
से
तो
शोहरत
तलब
नहीं
Sabir Hussain
Send
Download Image
3 Likes
मशहूर
भी
हैं
बदनाम
भी
हैं
ख़ुशियों
के
नए
पैग़ाम
भी
हैं
कुछ
ग़म
के
बड़े
इनाम
भी
हैं
पढ़िए
तो
कहानी
काम
की
है
Anjum Barabankvi
Send
Download Image
13 Likes
शोहरत
की
बुलंदी
भी
पल
भर
का
तमाशा
है
जिस
डाल
पे
बैठे
हो
वो
टूट
भी
सकती
है
Bashir Badr
Send
Download Image
40 Likes
कभी
पहले
नहीं
था
जिस
क़दर
मजबूर
हूँ
मैं
आज
नज़र
आऊँ
न
ख़ुद
क्या
तुम
सेे
इतना
दूर
हूँ
मैं
आज
तुम्हारे
ज़ख़्म
को
ख़ाली
नहीं
जाने
दिया
मैंने
तुम्हारी
याद
में
ही
चीख़
के
मशहूर
हूँ
मैं
आज
Read Full
SHIV SAFAR
Send
Download Image
3 Likes
दौलत
शोहरत
जैसी
छोटी
चीज़ों
का
ख़ुद्दारी
के
आगे
कोई
मोल
नहीं
Poonam Yadav
Send
Download Image
32 Likes
मोहब्बत
को
छुपाए
लाख
कोई
छुप
नहीं
सकती
ये
वो
अफ़्साना
है
जो
बे-कहे
मशहूर
होता
है
Lala Madhav Ram Jauhar
Send
Download Image
27 Likes
अब
न
मैं
वो
हूँ
न
बाकी
हैं
ज़माने
मेरे
फिर
भी
मशहूर
हैं
शहरों
में
फ़साने
मेरे
Rahat Indori
Send
Download Image
82 Likes
सियाह
रात
की
सरहद
के
पार
ले
गया
है
अजीब
ख़्वाब
था
आँखें
उतार
ले
गया
है
है
अब
जो
ख़ल्क़
में
मजनूँ
के
नाम
से
मशहूर
वो
मेरी
ज़ात
से
वहशत
उधार
ले
गया
है
Read Full
Abhishek shukla
Send
Download Image
32 Likes
मेरी
शोहरत
के
तक़ाज़े
ही
अलग
थे
ताबिश
गुमशुदा
रहते
हुए
नाम
कमाना
था
मुझे
Tousief Tabish
Send
Download Image
40 Likes
काग़ज़
में
दब
के
मर
गए
कीड़े
किताब
के
दीवाना
बे-पढ़े-लिखे
मशहूर
हो
गया
Bashir Badr
Send
Download Image
54 Likes
Read More
इश्क़
में
हम
ने
लगाया
इश्क़
को
ही
दाँव
पर
अब
होगा
क्या
अंजाम
अब
इस
इश्क़
का
अल्लाह
जाने
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
0 Likes
किसी
नुजूमी
ने
ये
कहा
था
रहोगे
तन्हा
ही
इश्क़
में
तुम
ये
और
बेहतर
बिछड़
के
तुमने
किया
है
पुख़्ता
यक़ीन
मेरा
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
0 Likes
ज़ख़्म
इस
इश्क़
के
नासूर
हुए
जाते
हैं
अब
न
मरहम
न
कोई
और
दवा
दी
जाए
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
ख़ता
जिसकी
भी
हो
छोड़ो
ये
बातें
और
गिले
शिकवे
नहीं
बिगड़ा
है
अब
भी
कुछ
सुनो
अब
लौट
आओ
तुम
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
कब
और
कहाँ
खिलाए
हैं
गुल
तुम
ने
क्या
कहें
सब
जानते
है
हम
सो
फ़साना
ये
क्या
कहें
की
बे-वफ़ाई
और
बनी
दुल्हन
रक़ीब
की
बदनाम
इश्क़
में
हुए
हम
कितने
क्या
कहें
Read Full
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Udas Shayari
Sad Shayari
Alone Shayari
Gulshan Shayari
Dua Shayari