तेरी आँखों से मैं आँखें मिला कर देख लेता हूँ

  - A R Sahil "Aleeg"
तेरीआँखोंसेमैंआँखेंमिलाकरदेखलेताहूँ
किसीदिनतुझेभीआज़माकरदेखलेताहूँ
क़फ़ससेइश्क़हैजिनकोअलगवोरहनहींसकते
मगरफिरभीपरिंदोंकोउड़ाकरदेखलेताहूँ
कहाँकितनाहुआबर्बादमैंइश्क़-ओ-मोहब्बतमें
मैंमाज़ीकेझरोखोंसेयेजाकरदेखलेताहूँ
दुश्मनमोतबरनिकलेआयारासकोईदोस्त
तुमआएहोतुम्हेंभीआज़माकरदेखलेताहूँ
बहुतदिनहोगएसहतेहुएज़ुल्म-ओ-सितमतेरे
ख़िलाफ़-ए-वज़मैंभीपत्थरउठाकरदेखलेताहूँ
बिखरजानेसेख़ुदकेमैंकोईमातमनहींकरता
ज़मींपरटूटेपत्तोंकोउठाकरदेखलेताहूँ
हैइसमेंराज़क्याइसबारशायदतुमपेखुलजाए
तुम्हेंयेशे'रमैंफिरसेसुनाकरदेखलेताहूँ
निकलतीहीनहींहैबे-वफ़ाईकीकसकदिलसे
चलोफिरभीमैंसिगरेटेंजलाकरदेखलेताहूँ
मुझेमालूमहै'साहिल'पलटकरवोआएगा
उसेआवाज़मैंफिरभीलगाकरदेखलेताहूँ
  - A R Sahil "Aleeg"
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