तमाम उम्र रहा है इसी सफ़र में इश्क़

  - A R Sahil "Aleeg"
तमामउम्ररहाहैइसीसफ़रमेंइश्क़
नज़रतोआएकभीतेरीइसनज़रमेंइश्क़
रगोंमेंयूँँहैंरवाँनफ़रतेंकिपूछोमत
दिखाईदेतानहींअबकिसीबशरमेंइश्क़
डगरडगरपेहसीनोंकेदेखिएजल्वे
बदनबदनमेंमहकहैनज़रनज़रमेंइश्क़
सिवाएइसकेसिखायानहींमुझेकुछभी
ख़ुदानेभेजाहैभरकरमेरेहुनरमेंइश्क़
दिखाईकुछभीनहींदेताइसकेमारोंको
बसाहैऐसेहसीनोंकीहरनज़रमेंइश्क़
हमाराख़तजोपहुँचताजवाबभीआता
लगेहैधूलहीखायाहैडाक-घरमेंइश्क़
रहेहैबाक़ीदिनोंमेंख़फ़ाख़फ़ासावो
कभीकभारलड़ाताहैसालभरमेंइश्क़
येकामयाबीकेनुस्खे़मुझेदे'साहिल'
दिलमेंताबबचीहैमेरेसरमेंइश्क़
  - A R Sahil "Aleeg"
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy