tamaam raat ye dhoondhaa hai khwaab men kya hai | तमाम रात ये ढूँढा है ख़्वाब में क्या है

  - A R Sahil "Aleeg"
तमामरातयेढूँढाहैख़्वाबमेंक्याहै
नहींहैचाँदअगरतोहिजाबमेंक्याहै
कहाथामीरनेउनकेलबोंकीनाज़ुकीदेख
चमेलीजूहीमहकतेगुलाबमेंक्याहै
किसीकेलम्ससेमालूमयेहुआहमको
दहकतेजलतेहुएआफ़ताबमेंक्याहै
येबातकोईसमझदारहीसमझपाया
इबारतोंकेअलावाकिताबमेंक्याहै
चुनावकीजिए'साहिल'गुलोंकीख़ुशबूका
सरोंकेलाशोंकेइसइंतिख़ाबमेंक्याहै
  - A R Sahil "Aleeg"
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