shor hai saare mah-jabeenon men | शोर है सारे मह-जबीनों में

  - A R Sahil "Aleeg"
शोरहैसारेमह-जबीनोंमें
इकनगीनाहैसौनगीनोंमें
वोशराफ़तकाएकपुतलाहै
हाँमगरसाथकेकमीनोंमें
सबनेमतलबकीखींचकरसरहद
बाँटदीहैज़मींज़मीनोंमें
मोड़करमुँहगयाजोयेदरिया
आगदेदीगईसफ़ीनोंमें
अबदिमाग़ोंमेंऐसेहैनफ़रत
गोलियाँजैसेमैगज़ीनोंमें
मुझकोख़तरातोपैरहनसेहै
साँपबैठेहैआस्तीनोंमें
हमकोबसशा'इरीसेहैमतलब
आपरहिएगानामचीनोंमें
देखिएदिलदिमाग़औरयेइश्क़
जंगजारीहैकबसेतीनोंमें
खोटेसिक्केहैंहमबतासाहिल
कौनरक्खेगाअबख़ज़ीनोंमें
  - A R Sahil "Aleeg"
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