na gauhar na moti na zar dekhte hain | न गौहर न मोती न ज़र देखते हैं

  - A R Sahil "Aleeg"
गौहरमोतीज़रदेखतेहैं
जोतेरेकरमकीनज़रदेखतेहैं
बलाकाहसींहैंसोउसकोहसदसे
येजलभुनकेशम्स-ओ-क़मरदेखतेहैं
ज़मींहोकिअंबरकहाँतूनहींहै
उधरतूहीतूहैजिधरदेखतेहैं
होंबेदारयाआलम-ए-ख़्वाबकुछभी
दरपाकख़ैर-उल-बशरदेखतेहैं
वोमीनार-ओ-गुम्बदवोशहर-ए-मदीना
नबीहैंजहाँज़लवा-ग़रदेखतेहैं
बढ़ेंगीख़ताएँगिरेगाज़मींपर
जिसेआजसबअर्शपरदेखतेहैं
ज़मींपरपयम्बरकिसेवोबनाए
वोबख़्शेकिसेयेहुनरदेखतेहैं
ख़ुदाकेमुख़ालिफ़खड़ेहोनेवाले
ज़मींदोज़होतेबशरदेखतेहैं
हुईशामछोड़ोयेआवारगीअब
कज़ाकब्लआक़ाकाघरदेखतेहै
मुनाफ़िक़कोसाहिलनहींकामकोई
नबीकेवोऐब-ओ-हुनरदेखतेहै
  - A R Sahil "Aleeg"
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