koii laakh darja bhale khoob roo ho | कोई लाख दर्जा भले ख़ूब रू हो

  - A R Sahil "Aleeg"
कोईलाखदर्जाभलेख़ूबरूहो
नहींहैयेमुमकिननबीहू-ब-हूहो
हज़ारोंतसव्वुरहोइकआरज़ूहो
जहाँभरमेंजलवातेराचारसूहो
तेरेदरकीहरशख़्सचाहेज़ियारत
ज़मानेमेंतेरीहीबसगुफ़्तगूहो
निगाहोंपेआक़ाकरमइतनाकरदे
मैंदेखूँजिधरभीउधरतूहीतूहो
तेरीरहमतोंकीवोबारिशहोमुझपर
किईमाँकासब्ज़ामेरापुरनुमूहो
तुझेजबपुकारेंमेरीचलतीसाँसें
बदनमेंमेरेतबहीकुछहावहूँहो
करूँँगातेरेनामपरहीमैंबैअत
भलेलाखदुनियायेमेरीउदूहो
ज़मानेकोदींआशनाकरनेवाले
बरोज़-ए-क़यामततूहीख़ैरख़ूहो
वोदिलकमनहींहोतासाहिलहरमसे
जहाँवस्ल-ए-महबूबकीआरज़ूहो
  - A R Sahil "Aleeg"
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