kabhi piyega jo aañsuon kii sharaab kaaghaz | कभी पिएगा जो आँसुओं की शराब काग़ज़

  - A R Sahil "Aleeg"
कभीपिएगाजोआँसुओंकीशराबकाग़ज़
बताएगातबमेरेग़मोंकाहिसाबकाग़ज़
कभीबनातेथेकाग़ज़ोंपरगुलाबहमभी
बिछड़केलगताहैतुझसेअबतोगुलाबकाग़ज़
तुम्हारेख़तकाकईबरससेयूँँमुंतज़िरहूँ
होजैसेमेराबक़ायाबसइकहीख़्वाबकाग़ज़
मैंकिससेपूछूँपतातुम्हाराकिअजनबीहूँ
हरएकइंसानपूछताहैजनाबकाग़ज़
दबाएज़िक्र-ए-वफ़ापड़ेथेदराज़मेंजो
जलादिएहैंमैंनेवोसारेकिताबकाग़ज़
तुम्हारीयादोंकीहैयेएलबमलहूसेतरयूँँ
किकाग़ज़ोंकाकबाबहैंयाकबाबकाग़ज़
ख़राबकरनेसेकाग़ज़ोंकोशे'रहोगा
किएहैफिरभीमैंनेमुसलसलख़राबकाग़ज़
येनावसाहिलपेडूबजाएगीदेखलेना
झेलपाएगालहरोंकेतैश-ओ-ताबकाग़ज़
  - A R Sahil "Aleeg"
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