जिस्म से है न हमको जाँ से इश्क़

  - A R Sahil "Aleeg"
जिस्मसेहैहमकोजाँसेइश्क़
अबतोहैतेरेआस्ताँसेइश्क़
इश्क़करनाहैतोख़ुदासकर
क्याज़मींऔरआसमाँसेइश्क़
नफ़रतेंदेखकरयेलगताहै
उठगयाजैसेइसजहाँसेइश्क़
मेज़बानीसेउनकोक्यामतलब
वोजोकरतेहैंमेज़बाँसेइश्क़
इश्क़कीदास्ताँलिखेंगेहम
आपकरिएगादास्ताँसेइश्क़
कोईसहरायहाँनहींहोता
अब्रकरताजोतिश्नगाँसेइश्क़
सब्रइकशख़्ससेकहाँ'साहिल'
उनकोकरनाहैता-जहाँसेइश्क़
  - A R Sahil "Aleeg"
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy