देख कर मंज़र ये ख़ुद हैरान है शैतान भी

  - A R Sahil "Aleeg"
देखकरमंज़रयेख़ुदहैरानहैशैतानभी
बज़्ममेंइंसानकीमेहमानहैशैतानभी
करताहैशैतानजोयेभीवहीकरनेलगा
आजकलआमालसेइंसानहैशैतानभी
कैसेआदम-ज़ादकोबहकारहाहैदेखिए
दहरमेंछोटासाहीभगवानहैशैतानभी
पैकर-ए-इंसाँमेंयेदोनोंहीअबपैवस्तहैं
बनरहाहैसबख़ुदाइंसानहैशैतानभी
इकतरफ़ख़ौफ़-ए-जहन्नुमइकतरफ़जन्नतकीचाह
दरमियाँउसकेबनाचट्टानहैशैतानभी
देखनाहैकौनज़ब्त-ए-नफ़्सकोदेगाशिकस्त
जा-ब-जालड़ताहुआइंसानहैशैतानभी
जबख़्याल-ए-इश्क़आएदिलबहाएसैल-ए-ख़ूँ
देखकरहालतमेरीहलकानहैशैतानभी
इसज़मानेमेंहैदोनोंकाहीसाहिलइकवुजूद
ख़ुदकीख़ातिरलड़रहाइंसानहैशैतानभी
  - A R Sahil "Aleeg"
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