मुहब्बतें ही यहाँ है मज़हब तुम्हारी नफ़रत नहीं चलेगी

  - Arman Habib
मुहब्बतेंहीयहाँहैमज़हबतुम्हारीनफ़रतनहींचलेगी
मिरावतनहैवफ़ाकासागरयहाँअदावतनहींचलेगी
हैउनकोनफ़रतभीमुस्लिमोंसेमगरवोशेख़ोंसेमिलरहेहैं
येकैसीरिश्तोंकीदास्ताँहैयेइश्क़-ओ-फ़ितरतनहींचलेगी
जलाकेघरकोग़रीबकीतुमअगरजोसेंकोगेरोटियाँफिर
ज़ियादादिनतकसमझलोहाकिमयहाँहुकूमतनहींचलेगी
लगाकेआतिशतूनफ़रतोंकीजलाकेबस्तीतूयादरखना
वोराखतूफ़ानलाएगीफिरतुम्हारीताक़तनहींचलेगी
यहाँकीमिट्टीहैपाकऐसीजिसेलहूसेसँवाराहमने
हमींकोग़द्दारीकासनददेयेतेरीदहशतनहींचलेगी
  - Arman Habib
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