kisi amal ke hisaab jaise | किसी अमल के हिसाब जैसे

  - Arman Habib
किसीअमलकेहिसाबजैसे
तुझेमैंदेखूँजवाबजैसे
शबाबतेरीयेहुस्न-ए-दिलमें
छलकपड़ाहैशराबजैसे
यूँँख़ूब-सूरतहँसीहैतेरी
खिलेचमनकेगुलाबजैसे
हैंमुझ
मेंयूँँतोहज़ारबातें
मगरहूँचुपमैंकिताबजैसे
जोसुब्हबिस्तरसेमैंउठातो
हैदेखामाँकोसवाबजैसे
येअबजो'अरमान'मैंलिखाहूँ
मगरथापहलेयेख़्वाबजैसे
  - Arman Habib
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