ye udaasi badh rahi phir yaad aa.e vo zamaane | ये उदासी बढ़ रही फिर याद आए वो ज़माने

  - arjun chamoli
येउदासीबढ़रहीफिरयादआएवोज़माने
बे-क़रारीभीवहीफिरयादआएवोज़माने
दर्दकेसाएघिरेऔररौशनी-ए-तब्'अजाए
याद-दिलबररहीफिरयादआएवोज़माने
ज़ीस्तकोभीहक़वहीजैसेशिगुफ़्तागुलखिलेहै
आजमाँगेहक़वहीफिरयादआएवोज़माने
डूबतीकश्तीकिनाराढूँढ़तीलहरोंमेंजैसे
वैसीकोशिशमुंतहीफिरयादआएवोज़माने
आजतकसज्दाकियाहैचाहबढ़तीजारहीहै
बातमैंनेसचकहीफिरयादआएवोज़माने
वोकमाल-ए-ज़ब्तअबतकतोमुसलसलचलरहाथा
होगएअबमुश्तहीफिरयादआएवोज़माने
वोरिफ़ाक़तवोहक़ीक़तलुत्फ़उनकायादआए
आरज़ूहैअबवहीफिरयादआएवोज़माने
साथखिलतेगुलकोदेखारंगदूजेकाचुराया
जबदिखीचोरीवहीफिरयादआएवोज़माने
ख़्वाबकीउसराखमेंकुछआगशायदरहगईहो
वोसुलगतीजारहीफिरयादआएवोज़माने
अबभीवोमिस्ल-ए-सबाहैफूलखिलतेजारहेहैं
खिलपड़ेगुलशनवहीफिरयादआएवोज़माने
अबभीजिस्म-ओ-जाँमेंमेरेवोख़ुमारीआश्नाकी
जामहो'अर्जुन'वहीफिरयादआएवोज़माने
  - arjun chamoli
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