ye ishq kyuuñ chadha nahin mujhe pata tujhe pata | ये इश्क़ क्यूँ चढ़ा नहीं मुझे पता तुझे पता

  - arjun chamoli
येइश्क़क्यूँचढ़ानहींमुझेपतातुझेपता
ख़ताथीदिखीकहींमुझेपतातुझेपता
गलीतेरीगलीमेरीतेरामेरावोसाथथा
नसीबभीलिखावहींमुझेपतातुझेपता
वोआशिक़ीभीहममेंथीवोसिलसिलाभीहममेंथा
हुएकभीख़फ़ानहींमुझेपतातुझेपता
हवाभीसाथसाथथीवोचाँदनीसीरातथी
गलीमेंसाथथेवहींमुझेपतातुझेपता
वोबहसक्यूँँतेरीमेरीबिनाकिसीसबबहुई
जगहबनीगलीवहींमुझेपतातुझेपता
मिरातिराजोथानशावोप्यारकेवोख़्वाबका
डुबादियावहींकहींमुझेपतातुझेपता
नयानयासाज़ख़्मथाउठाउठासादर्दथा
चलेक़दम-क़दमवहींमुझेपतातुझेपता
वोमुँहभीथाछुपालियातुझेदिखेनमीनहीं
गिरेथेअश्कजबवहींमुझेपतातुझेपता
वोचारदिनकीचाँदनीगुज़रगईइधरउधर
हैबादउसकेकुछनहींमुझेपतातुझेपता
वफ़ाकाक़र्ज़थाबड़ाकिआँसुओंमेंतौलकर
चुकादियाथासबवहींमुझेपतातुझेपता
जोथामिलाचलागयाजोयादथाभुलादिया
फ़ज़ाभीअबरहीनहींमुझेपतातुझेपता
  - arjun chamoli
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