teri baanhon men hone kii farhat baqi hai | तेरी बाँहों में होने की फ़रहत बाक़ी है

  - arjun chamoli
तेरीबाँहोंमेंहोनेकीफ़रहतबाक़ीहै
मेरेख़्वाबोंमेंहोंठोंकीशिरकतबाक़ीहै
मेरेहरनग़्मेंकीधुनतूहैयेकहनाहै
जोमेरेदिलनेलिखनाहैवोख़तबाक़ीहै
तेरीआँखोंमेंडूबनेकीख़्वाहिशहैमेरी
हरपलतेरासाथरहेयेहसरतबाक़ीहै
हरकरवटहरज़ानिबबदल-बदलकरसोताहूँ
हरशबहैतेराइंतिज़ारवसलतबाक़ीहै
अबमरजाऊँगातोमुझकोयेदहशतहोगी
दोजिस्म-ओ-जाँकेमिलनेकीलज़्ज़तबाक़ीहै
  - arjun chamoli
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