phool ho ya koii kali us ka hi chehra dikhta hai | फूल हो या कोई कली उस का ही चेहरा दिखता है

  - arjun chamoli
फूलहोयाकोईकलीउसकाहीचेहरादिखताहै
अबजोनहींहैमेरावोफिरभीवोमेरादिखताहै
छोड़गयाजोतन्हावोक्यूँँमेराघेरादिखताहै
मैंनेयूँँहीनहींकहाजैसेबनेरादिखताहै
क्याकरेअबनिगाहोंकासबघुप-अँधेरादिखताहै
सूखगयायेफूलअबउसकोक्याज़ेरादिखताहै
सोचताइश्क़-ए-दिलकाक्याग़मकायेमारादिखताहै
क्यायेजहाँमेंइश्क़मेंज़िंदगीहारादिखताहै
टूटगयाहैदिलइधरख़ूनकाक़तरादिखताहै
क़ाफ़ियाथाजोग़ज़लोंकानज़्म-ए-मुअर्रादिखताहै
  - arjun chamoli
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