न चाँद है न रौशनी बड़ी अजीब रात है

  - arjun chamoli
चाँदहैरौशनीबड़ीअजीबरातहै
चराग़गुलमक़ामगुलयेतीरगीहयातहै
ज़िक्रहैफ़िक्रहैगुफ़्तगूमेंलुत्फ़अब
फ़क़तजुनूँकीआहटेंशहकहींमातहै
इश्क़मेंयक़ीनहैवस्लकाग़ुरूरहै
मगरयेमोड़-मोड़परज़ुनातकीबिसातहै
बे-ज़मींकाग़मरहाआसमाँसेवास्ता
डरेइसीख़यालसेबड़ीअजीबबातहै
आरज़ूमेंरौशनीइश्क़मेंनज़ाकतें
उसीतरफ़बढ़ाहैक्यूँँयेकौनसीबरातहै
रहगुज़रमेंफूलहैसाएमेंसुकूनहै
सफ़रफ़रेबकररहाडगरभीवाहियातहै
हर्फ़हैलफ़्ज़हैदर्दकीसदाकहीं
मलालचीखतानहींयेकिसकीकाइनातहै
आइनेमेंगर्दहैसूरतोंमेंखोटहै
किनूरभीदिखानहींकहाँपेसालिहातहै
  - arjun chamoli
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