lafz ke maani badalte rahe ashaar men | लफ़्ज़ के मानी बदलते रहे अश'आर में

  - arjun chamoli
लफ़्ज़केमानीबदलतेरहेअश'आरमें
अबहवसकोप्यारकानामदेसंसारमें
भावसोनेकाचढ़ाप्यारकीक़ीमतघटी
फिरभीगहनोंकेख़रीदारहैंबाज़ारमें
आगबुझनीचाहिएजिस्मकीकैसेभीहो
क्याकरेंगेप्यारकाआजकीरफ़्तारमें
जानमजनूँनेलुटादीमोहब्बतमेंकभी
ख़ुदकोबेचेआजलैलाभरे-बाज़ारमें
रोज़आगेबढ़रहाजोमोहब्बतछोड़कर
हुस्नकेबोरेभरेउसकेहीकुठयारमें
  - arjun chamoli
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