bahaar ban ke mire har nafs pe chhaai ho | बहार बन के मिरे हर नफ़स पे छाई हो

  - Anwar Taban
बहारबनकेमिरेहरनफ़सपेछाईहो
अजबअदासमिरीज़िंदगीमेंआईहो
तुम्हाराहुस्नवोतस्वीर-ए-हुस्न-ए-कामिलहै
ख़ुदानेख़ासहीलम्होंमेंजोबनाईहो
शराबहैसहरहैमगरयेआलमहै
किसीनेजैसेनिगाहोंसेमयपिलाईहो
तिरीतरहहीगुरेज़ाँहैनींदभीमुझसे
क़समहैतेरीजोअबतकक़रीबआईहो
तूउसनिगाहसेपीवक़्त-ए-मय-कशी'ताबाँ'
कीजिसनिगाहपेक़ुर्बानपारसाईहो
  - Anwar Taban
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