kyun kisi aur ko dukh dard sunaau apne | क्यूँँ किसी और को दुख दर्द सुनाऊँ अपने

  - Anwar Masood
क्यूँँकिसीऔरकोदुखदर्दसुनाऊँअपने
अपनीआँखोंसेभीमैंज़ख़्मछुपाऊँअपने
मैंतोक़ाएमहूँतिरेग़मकीबदौलतवरना
यूँँबिखरजाऊँकिख़ुदहाथआऊँअपने
शे'रलोगोंकेबहुतयादहैंऔरोंकेलिए
तूमिलेतोमैंतुझेशे'रसुनाऊँअपने
तेरेरस्तेकाजोकाँटाभीमुयस्सरआए
मैंउसेशौक़सेकॉलरपरसजाऊँअपने
सोचताहूँकिबुझादूँमैंयेकमरेकादिया
अपनेसाएकोभीक्यूँँसाथजगाऊँअपने
उसकीतलवारनेवोचालचलीहैअबके
पाँवकटतेहैंअगरहाथबचाऊँअपने
आख़िरीबातमुझेयादहैउसकी'अनवर'
जानेवालेकोगलेसेलगाऊँअपने
  - Anwar Masood
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