अश्कयहीबतारहेदर्दबढ़ाहीजारहा
रातकभीढलेगीहीख़ुदकोयक़ींदिलारहा
कितनेदिनोंकेबादवोयारमिलीहैआजजो
वोमुझेदेखतीरहीमैंउसेदेखतारहा
आँखमिलीहैउससेेजोरूहनिकलगईतभी
यादनहींकिक्याहुआजिस्मवहींखड़ारहा
उसनेवफ़ाकेनामपरमुझसेेजफ़ाकरीहैबस
अपनाख़ुदाजिसेकभीइश्क़मेंमानतारहा
दिलमेंख़यालहैंबहुतमनमेंसवालहैंबहुत
कोईजवाबहीनहींइनकाकहींमैंपारहा
शख़्सचलागयाजोदूरआँखकामेरीथावोनूर
यादमेंख़्वाबमेंउसेबादमैंढूँढतारहा
आजकिसीकेसाथमेंहाथमिलाएहाथमें
शख़्सवहीहैजोकभीपहले-पहलमिरारहा
खेलबहुतयेइश्क़काअबनचलेगाज़िन्दगी
वोभीमुझेभुलाचुकीमैंभीउसेभुलारहा
ग़लतीनहींहैयेतेरीहिज्र-ए-नसीबहीहूँमैं
क़र्ज़बहुतहीपहलेसेक़िस्तोंमेंयेचुकारहा
टूटगयाहैदिलअनुजफिरकिसीबेज़बानका
घाटनदीकेबैठवोगीतविरहकेगारहा