jahaan-jahaan gaya main hooñ sabhi bure ameer hain | जहाँ-जहाँ गया मैं हूँ सभी बुरे अमीर हैं

  - Anubhav Gurjar
जहाँ-जहाँगयामैंहूँसभीबुरेअमीरहैं
दिलोंकेबादशाहहैंवोसबकेसबफ़क़ीरहैं
समानताजोलारहेथेकलकेउससमाजमें
वोएकहीरहीमऔरएकहीकबीरहैं
हैडररहेहैंआजभीजोराजनीतिकेतले
इधर-उधरगली-सड़कमरे-पड़ेशरीरहैं
धकेलदेंजोकृष्णसंगहाथभरकिसीभीक्षण
येदानवीरकीभुजासेछूटआएतीरहैं
डरोतुमकिसीभविष्यमेंलिखेपुराणसे
सभीकेहाथमेंछिपीयेमौतकीलकीरहैं
  - Anubhav Gurjar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy