जहाँ-जहाँगयामैंहूँसभीबुरेअमीरहैं
दिलोंकेबादशाहहैंवोसबकेसबफ़क़ीरहैं
समानताजोलारहेथेकलकेउससमाजमें
वोएकहीरहीमऔरएकहीकबीरहैं
हैडररहेहैंआजभीजोराजनीतिकेतले
इधर-उधरगली-सड़कमरे-पड़ेशरीरहैं
धकेलदेंजोकृष्णसंगहाथभरकिसीभीक्षण
येदानवीरकीभुजासेछूटआएतीरहैं
डरोनतुमकिसीभविष्यमेंलिखेपुराणसे
सभीकेहाथमेंछिपीयेमौतकीलकीरहैं