hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Anshika Shukla
aap kahte hain bekhu
aap kahte hain bekhu | आप कहते हैं बेख़ुदी है क्या
- Anshika Shukla
आप
कहते
हैं
बेख़ुदी
है
क्या
इश्क़,
लज़्ज़त
महज़
यही
है
क्या
आपके
पास
है
उदासी
भी
आपके
पास
ज़िंदगी
है
क्या
आपके
लब
जो
मुस्कुराते
हैं
आपके
दिल
में
कुछ
कमी
है
क्या
आप
तस्वीर
में
हँसी
देखें
आप
देखें
कि
बेबसी
है
क्या
आपने
दोस्त
कह
लिया
मुझको
सिर्फ़
इतनी
ही
दोस्ती
है
क्या
चाँद
जुगनू
से
लड़
रहा
है
क्यूँ
चाँद
में
ख़ुद
की
रौशनी
है
क्या
- Anshika Shukla
Download Ghazal Image
हम
तोहफ़े
में
घड़ियाँ
तो
दे
देते
हैं
एक
दूजे
को
वक़्त
नहीं
दे
पाते
हैं
आँखें
ब्लैक
एंड
व्हाइट
हैं
तो
फिर
इन
में
रंग
बिरंगे
ख़्वाब
कहाँ
से
आते
हैं?
Read Full
Fareeha Naqvi
Send
Download Image
54 Likes
हम
ख़ुश
हैं
हमें
धूप
विरासत
में
मिली
है
अजदाद
कहीं
पेड़
भी
कुछ
बो
गए
होते
Shahryar
Send
Download Image
31 Likes
इसलिए
ये
महीना
ही
शामिल
नहीं
उम्र
की
जंत्री
में
हमारी
उसने
इक
दिन
कहा
था
कि
शादी
है
इस
फरवरी
में
हमारी
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
184 Likes
मेरे
होंटों
पे
ख़ामुशी
है
बहुत
इन
गुलाबों
पे
तितलियाँ
रख
दे
Shakeel Azmi
Send
Download Image
28 Likes
ज़रा
नज़दीक
आकर
सुन
मेरी
इक
बात
ऐ
उर्दू
मेरी
तहरीर
बिन
तेरे
मुकम्मल
हो
नहीं
सकती
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
1 Like
बंसी
सब
सुर
त्यागे
है,
एक
ही
सुर
में
बाजे
है
हाल
न
पूछो
मोहन
का,
सब
कुछ
राधे
राधे
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
314 Likes
न
जाने
कौन
सी
आए
सदा
पसंद
उसे
सो
हम
सदाएँ
बदल
कर
सदाएँ
देते
रहे
Varun Anand
Send
Download Image
30 Likes
एक
दरवेश
को
तिरी
ख़ातिर
सारी
बस्ती
से
इश्क़
हो
गया
है
Ammar Iqbal
Send
Download Image
43 Likes
किस
वास्ते
लिक्खा
है
हथेली
पे
मिरा
नाम
मैं
हर्फ़-ए-ग़लत
हूँ
तो
मिटा
क्यूँँ
नहीं
देते
Hasrat Jaipuri
Send
Download Image
21 Likes
ऐसी
हैं
क़ुर्बतें
के
मुझी
में
बसा
है
वो
ऐसे
हैं
फ़ासले
के
नहीं
राब्ता
नसीब
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
7 Likes
Read More
तेरा
मेयार
तो
अपनी
जगह
है
मगर
बीमार
तो
अपनी
जगह
है
बहुत
कुछ
लुट
चुका
है
इस
जहाँ
से
अभी
बाज़ार
तो
अपनी
जगह
है
हर
इक
सूरत
की
रा'नाई
है
मद्धम
वो
इक
रुख़्सार
तो
अपनी
जगह
है
किसे
रस्मों
रिवाजों
से
तअल्लुक़
यहाँ
दरकार
तो
अपनी
जगह
है
जिसे
चाहे
सज़ा
का
हुक़्म
कर
दे
तेरी
सरकार
तो
अपनी
जगह
है
मोहब्बत
में
किफ़ायत
किश्त
क़र्ज़ा
ये
कारोबार
तो
अपनी
जगह
है
हटाकर
आज
तस्वीरों
को
देखा
दर-ओ-दीवार
तो
अपनी
जगह
है
Read Full
Anshika Shukla
Download Image
0 Likes
चार
किताबों
की
ख़ुशबू
पी
लेते
हैं
तुम
बोलो
मय-ख़ाने
से
क्या
होता
है
Anshika Shukla
Send
Download Image
4 Likes
जो
अपने
घर
में
गुलदस्ता
सजाकर
रख
नहीं
सकते
गुलों
के
बाग
में
जाते
हैं
ख़ुशबू
देख
लेते
हैं
Anshika Shukla
Send
Download Image
3 Likes
जो
हर
पल
साथ
चलता
है
तुम्हारे
ख़ुदा
है
वो
कोई
इंसाँ
नहीं
है
यही
अब
देख
के
हैरान
हूँ
मैं
वो
मुझको
देख
के
हैराँ
नहीं
है
Read Full
Anshika Shukla
Send
Download Image
5 Likes
हर
इक
शाम
अपनी
हदें
तोड़कर
के
ये
दोनों
किनारे
किधर
जा
रहे
हैं
Anshika Shukla
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Alone Shayari
Pagal Shayari
Jahar Shayari
Ishaara Shayari
Masti Shayari