क्याख़बरकिसकैफ़ियतमेंमुब्तिलाहूँ
लगरहाहैआपअपनामर्सियाहूँ
ढूंढ़ताहूँकिसकेक़दमोंकेनिशाँमैं
कौनहै?किसतकपहुँचनाचाहताहूँ
मैंनेहीकुनबोलकरदुनियाबनाई
औरइसदुनियाकापर्दाहोगयाहूँ
अशरफ़-उल-मख़लूक़जोठहरादियाथा
यूँँकिमैंइकमोजिज़ेपरमोजिज़ाहूँ
लफ़्ज़अपनीज़ातमेंज़ाहिरहैंफिरभी
जानेक्यूँइनकेमआनीढूँढताहूँ
सबकेअंदरहैख़ुदाकहतेहैंमुर्शिद
यानीमुर्शिदभीख़ुदा,मैंभीख़ुदाहूँ?
सिर्फ़इतनाफ़र्क़हैदोनोंमें"ग़ाफ़िल"
वोहैइकफ़रमानऔरमैंइल्तिज़ाहूँ