किसीसहरामेंतोइकफूलहैखिलनाबहुतमुश्किल
इबादतकेबिनातुझकोख़ुदामिलनाबहुतमुश्किल
निकलतातोहैमशरिक़सेहीमगरिबकेलिएहीवो
मगरसूरजकामंसबसेतोहैहिलनाबहुतमुश्किल
जिसेबिछड़ेहुएमुझसेेतोमुद्दतहोगईहैअब
किसीअनजानरस्तेमेंतोहैमिलनाबहुतमुश्किल
हवाकीहैचराग़ोंसेबड़ीगहरीयहाँरंजिश
कभीभीआगमेंपानीकाहैमिलनाबहुतमुश्किल