aankh se jo bhi cheekhen nikalti raheen | आँख से जो भी चीख़ें निकलती रहीं

  - Ankit Tiwari
आँखसेजोभीचीख़ेंनिकलतीरहीं
ख़्वाबमेरेहीथेमररहेथेकहीं
जोधुआँउठरहाहैजिगरसेमिरे
आगपानीमिलेहोंगेजाकेवहीं
हाथउससेमिलातोकहादिलनेये
येपरीमरमरींमरमरींमरमरीं
रेतहीरेतदिखनेलगेजबतुम्हें
समझोदरियासमायाहुआहैयहीं
बदमिज़ाजोंनेपूछानहींउससेेये
उसपरिंदेकोघरछोड़नाहीनहीं
  - Ankit Tiwari
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