तूछोड़करगयाहैमुझेऐसेहालमें
दिनरातउलझारहताहूँतेरेख़यालमें
येठीकबातहैकिमैंवैसानहींरहा
तूभीबदलगयाहैबहुततीनसालमें
लहजाहीथोड़ातल्ख़हैदुनियाकेसामने
वैसेतोठीकठाकहूँमैंबोल-चालमें
जिनकोथाफूलतोड़नावोतोड़लेेगए
मालीलगाहीरहगयाबसदेख-भालमें
दरकारइसलिएहैअलगरास्तामुझे
सबलोगहीलगेहैंयहाँभेड़-चालमें
दुनियामेंअाकेफँसगयाहूँइसतरहसेमैं
मछलीफंसीहुईहोकोईजैसेजालमें