bhatkte yoon hi rahenge kab tak to kya thikaana koi nahin hai | भटकते यूँं ही रहेंगे कब तक तो क्या ठिकाना कोई नहीं है?

  - Ankit Maurya
भटकतेयूँंहीरहेंगेकबतकतोक्याठिकानाकोईनहींहै?
हमारेहिस्सेमेंकोईबस्तीयाकोईसहराकोईनहींहै?
सिवातुम्हारेसुनाएँकिसकोहमअपनेदिलकीदो-चारबातें?
सिवातुम्हारेयहाँपेअपनाहमारेमौलाकोईनहींहै
तुम्हारेख़ातिरतोहमसेेबेहतरभीबसहमींहैंशाहज़ादी
केहमसेेबढ़करतुम्हारा'आशिक़याफिरदी'वानाकोईनहींहै
तुम्हारेजानेपेअपनेदिलकीहसीनबस्तीउजाड़देंगे
जान-ए-जानांयहाँकेलायकहीऔरदूजाकोईनहींहै
किसीकेदिलमेंहमारीख़्वाहिश,किसीकेलबपेहमारेबोसे
ख़ुदाकेइतनेबड़ेजहाँमेंभीशख़्सऐसाकोईनहींहै
यूँँंजारहेहोज़मानेख़ातिरतोछोड़हमकोदोस्तलेकिन
येध्यानरखनासिवाहमारे,हमारेजैसाकोईनहींहै
  - Ankit Maurya
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