जबहमारीधड़कनेंबढ़नेलगेंतोहैबसंत
मुस्कुराकरबाग़ोंमेंकलियाँखिलेंतोहैबसंत
दूबपत्तेशबनमीसेमोतियोंसेपुर-निहाँ
नभसेकिरणेंआकेधरतीकोछुएँतोहैबसंत
फूलोंकेआग़ोशमेंआजाएँभौरेख़ुद-ब-ख़ुद
रोज़फिरगुंजारकरमौजेंकरेंतोहैबसंत
झाँकनेपल्लवलगेंजबपेड़ोंकीहरशाख़से
ख़ुशपरिंदोंकीवहाँचहकनसुनेंतोहैबसंत
आमकेकुंजोंमेंबैठीप्रेममेंडूबीहुईं
कोयलोंकेखनखनातेसुरसजेंतोहैबसंत
झीलकीलहरेंमचलतीपाशमेंलेनेजिन्हें
फूलकमलोंकेवहाँपेजबखिलेंतोहैबसंत
जबख़िज़ाँकादौरबीतेतब'अनिल'होपुर-सुकूँ
प्रेमकेबिछड़ेवोपंछीजबमिलेंतोहैबसंत