kuchh bachaane ke li.e umr ganwaate hue log | कुछ बचाने के लिए उम्र गँवाते हुए लोग

  - Anfal Rafique
कुछबचानेकेलिएउम्रगँवातेहुएलोग
ख़र्चहोजाएँगेयेख़्वाबकमातेहुएलोग
भूलजातेहैंकिअबयादनहींरखनामुझे
मेराक़िस्सामुझेकेसुनातेहुएलोग
इकतवक़्क़ो'काबहर-हालभरमरखतेहैं
रूठनेवालोंकोहरबारमनातेहुएलोग
छोड़जाएँगेकिसीदिनयेबतातेहीनहीं
येबतातेहीनहींअपनाबनातेहुएलोग
तेरीदहलीज़पेकुछफूलनहींख़ुदकोभी
छोड़आतेहैंतेरेशहरसजातेहुएलोग
हरत'अल्लुक़मेंयहीख़ौफ़किबसअबकेगया
हमफ़सीलोंकीदराड़ोंकोछुपातेहुएलोग
सोनहींपाएँगेकमरेमेंअँधेराकरके
जागतीआँखमेंमंज़रकोसुलातेहुएलोग
ख़ुश-लिबासीभीहैपर्दाकिसीमहरूमीका
जिस्मसेरूहकेआज़ारछुपातेहुएलोग
  - Anfal Rafique
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