tujhe ab shahar men kyun ro ro apne yaad aate hain | तुझे अब शहर में क्यूँँं रो रो अपने याद आते हैं

  - Mamta 'Anchahi'
तुझेअबशहरमेंक्यूँँंरोरोअपनेयादआतेहैं
वोतेरेदोस्तऔरतेरेवोअपनेयादआतेहैं
इमारतहैंयहाँऊंचीमगरदिलहैंबड़ेछोटे
बड़ादिलचाहिएतोतुमकोअपनेयादआतेहैं
वोमिट्टीकेघड़ेकीसौंधीख़ुशबूअबनहींआती
नयनसेनीररिसताहैजोअपनेयादआतेहैं
जिन्हेंछोड़ाथादौलतकीतलबमेंएकदिनतुमने
तलबअबतकअधूरीहैतोअपनेयादआतेहैं
यहाँअपनानहींकोईसभीमतलबकेहैंसाथी
जोबिनमतलबभीथेअपनेवोअपनेयादआतेहैं
वहीबसख़ासहोताहैज़रूरतहोतीहैजिसकी
समयकाफेरहैभैयासोअपनेयादआतेहैं
हज़ारोंसैकड़ोंबारीलिखेथेमाँनेख़ततुमको
जवाब-ए-ख़तलिखोतुमकहदोअपनेयादआतेहैं
  - Mamta 'Anchahi'
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