rone ka saleeqa mujhe aslaaf ne baksha | रोने का सलीक़ा मुझे अस्लाफ़ ने बख़्शा

  - Anamta Ali
रोनेकासलीक़ामुझेअस्लाफ़नेबख़्शा
येमातमीआँखेंमुझेविर्सेमेंमिलीहैं
येकर्बकीदुनियाकाहैनक़्शाइसेदेखो
सबपुरखेंहमारीइसीशजरेमेंमिलीहैं
मैंघूरकेदेखूँतोबुरामानताहैवो
कैसेकहूँयेतल्ख़ियाँतर्केमेंमिलीहैं
ख़्वाबोंनेभीमरनेकीहीठानीहैबिल-आख़िर
दोचारकीलाशेंमिरेकमरेमेंमिलीहैं
टूटेहुएरस्तोंपेतिराहाथपकड़लूँ
येख़्वाहिशेंबसइश्क़केबदलेमेंमिलीहैं
जोलड़कियाँजीतीथींमोहब्बतकेसहारे
दोगज़कीहीक़ब्रेंउन्हेंतोहफ़ेमेंमिलीहैं
  - Anamta Ali
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