jab kabhi husn ki paakizaa kahaanii likhna | जब कभी हुस्न की पाकीज़ा कहानी लिखना

  - Ana Dehlvi
जबकभीहुस्नकीपाकीज़ाकहानीलिखना
श्यामकेइश्क़मेंमीराकोदिवानीलिखना
तुमकिसीफूलकोमुरझातेहुएदेखनाजब
उसघड़ीबैठकेअंजाम-ए-जवानीलिखना
ज़िंदगीजिसकेतसव्वुरसेसँवरजातीहै
मेरेहिस्सेमेंवहीशामसुहानीलिखना
अपनेमक़्सदकेलिएअहल-ए-सियासतनेयहाँ
किसतरहखोईबुज़ुर्गोंकीनिशानीलिखना
इसबहानेसेउतरजाएगायेदिलकाबोझ
अपनाहरक़िस्सा-ए-ग़मअपनीज़बानीलिखना
ज़िक्रजबभीछिड़ेतहज़ीबकादुनियामें'अना'
इसक़लमसेकोईतारीख़पुरानीलिखना
  - Ana Dehlvi
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