ishq kii pecheedagi men ham uljh kar rah ga.e | इश्क़ की पेचीदगी में हम उलझ कर रह गए

  - Rehaan
इश्क़कीपेचीदगीमेंहमउलझकररहगए
हँसतेहँसतेहरसितमकोख़ामोशीसेसहगए
हमकोसबमालूमथाअहद-ए-वफ़ाकोचुपरहे
औरजोअनजानथेवोहमकोक्याक्याकहगए
थागुमाँहमकोबहुतहैंचाहनेवालेहमें
वक़्तपरसबताशकेपत्तोंकेजैसेढ़हगए
चारदिनकीज़िन्दगीमेंचारसौ'आशिक़मिले
हममगरउनकेबिनाफिरभीअकेलेरहगए
उनकेकूचेसेजोगुज़रेकलमहीनोंबादहम
आँखसेअफ़सोसकेआँसूअचानकबहगए
एकवोजिनकीगलीमेंहरपहरहलचलरही
एकहमजोख़ुदसेमिलनेकोतरसतेरहगए
हमनशेमेंभीबिगड़पाएनहींउनपरकभी
होशमेंभीवोमगरहमकोबहुतकुछकहगए
बसतुम्हारीशा'इरीमेंदर्दज़िन्दारखनेको
क्याख़बर'रेहान'कितनीज़िल्लतेंहमसहगए
  - Rehaan
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