ek aazaar hui jaati hai shohrat ham ko | एक आज़ार हुई जाती है शोहरत हम को

  - Amjad Islam Amjad
एकआज़ारहुईजातीहैशोहरतहमको
ख़ुदसेमिलनेकीभीमिलतीनहींफ़ुर्सतहमको
रौशनीकायेमुसाफ़िरहैरह-ए-जाँकानहीं
अपनेसाएसेभीहोनेलगीवहशतहमको
आँखअबकिससेतहय्युरकातमाशामाँगे
अपनेहोनेपेभीहोतीनहींहैरतहमको
अबकेउम्मीदकेशोलेसेभीआँखेंजलीं
जानेकिसमोड़पेलेआईमोहब्बतहमको
कौनसीरुतहैज़मानेमेंहमेंक्यामालूम
अपनेदामनमेंलिएफिरतीहैहसरतहमको
ज़ख़्मयेवस्लकेमरहमसेभीशायदभरे
हिज्रमेंऐसीमिलीअबकेमसाफ़तहमको
दाग़-ए-इस्याँतोकिसीतौरछुपते'अमजद'
ढाँपलेतीअगरचादर-ए-रहमतहमको
  - Amjad Islam Amjad
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