vo to qahhaar ho ke baithe hain | वो तो क़हहार हो के बैठे हैं

  - Daqiiq Jabaali
वोतोक़हहारहोकेबैठेहैं
हमपरस्तारहोकेबैठेहैं
रास्तेतुमकोपानेकेसारे
जानदुश्वारहोकेबैठेहैं
आपआएजोमेरेगुलशनमें
गुलमहक-दारहोकेबैठेहैं
वोख़फ़ाहोगाहमनेसोचाथा
तंज़बेकारहोकेबैठेहैं
रात-दिनबसतेरेख़यालोंमें
हमगिरफ़्तारहोकेबैठेहैं
नोचनेजिस्मएकतितलीका
साँपतैयारहोकेबैठेहैं
दुनियातोखै़रठीकहैलेकिन
दोस्तदीवारहोकेबैठेहैं
मुझकोहथियारकीज़रूरतक्या?
लफ्ज़तलवारहोकेबैठेहैं
कोईअहद-ए-वफा़करोहमसेे
हमवफ़ादारहोकेबैठेहैं
बातकरनेकोदिलनहींकरता
इतनेबेज़ारहोकेबैठेहैं
उम्रनादानीकरनेकीहै'अमित'
हमसमझदारहोकेबैठेहैं
  - Daqiiq Jabaali
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy