kab tak rakhega qalb men ab yaar fenk de | कब तक रखेगा क़ल्ब में अब यार फेंक दे

  - Daqiiq Jabaali
कबतकरखेगाक़ल्बमेंअबयारफेंकदे
येबे-फ़ुज़ूलमाज़ीकाअम्बारफेंकदे
मैंमानताहूँतुझपेयेजँचताहैख़ूबपर
मेरीसलाहमानयेपिंदारफेंकदे
चाहेतोजानलेमेरीपरबख़्शदेदरख़्त
हत्ताबअपनेहाथसेमिंशारफेंकदे
हाकिमसेबोलोलेज़रामणिपुरकाजाइज़ा
सिरसेवगरनाआजहीदस्तारफेंकदे
हथियारअपनेकरमेंउठालेतूद्रोपदी
मोहनसेअबमददकेतूआसारफेंकदे
हाँउसकेदिलमेंतूनहींहैकोईऔरहै
उसपरलिखीयेनज़्मयेअश'आरफेंकदे
अल्लाहअपनेमुल्ककेहालातदेखकर
मैंतोयहीकहूँगायेसरकारफेंकदे
  - Daqiiq Jabaali
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