है अजब एक इल्तिजा है इश्क़

  - Amit Nandan Dev
हैअजबएकइल्तिजाहैइश्क़
ख़ुददु'आभीहैबद्दुआहैइश्क़
क्याख़ुदाभीसमझसकाइसको
किसबलाकायेसिलसिलाहैइश्क़
हमनेमानाकोईमज़हबहै
सिर्फ़इकबे-सदाख़ुदाहैइश्क़
मय-कदेकेफ़क़ीरकहतेहैं
हसरतोंकीयहीसज़ाहैइश्क़
हुस्नबेजानऔरदिलआफ़त
दोनोंकेबीचफ़ासलाहैइश्क़
जिसकोचाहावहीख़ुदाठहरा
औरजिसेछोड़ाबे-ख़ुदाहैइश्क़
ख़्वाबमेंभीनहींउतरतावो
फिरभीआँखोंसेआशनाहैइश्क़
हमनेरूहोंकीराखपीडाली
तेराअबक्याहैबसहवाहैइश्क़
क़ब्रसेभीउठेहैंकुछसाए
मरनेकेबादभीजियाहैइश्क़
क़ाफ़िलेसबवहींलुटेप्यारे
जिसजगहतेरीरहनुमाहैइश्क़
ज़हरपीकरजोमुस्कुराएदेव
उसतबस्सुमकीइंतिहाहैइश्क़
अबदेव-ओ-ख़ुदारहेबाक़ी
इकजुनूँथाजोरहगयाहैइश्क़
  - Amit Nandan Dev
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy