saath kis ko chahiye ab dhoop ka | साथ किस को चाहिए अब धूप का

  - Amit Ahad
साथकिसकोचाहिएअबधूपका
ठण्डमेंलेंगेमज़ासबधूपका
बटगएहैंमज़हबोंमेंसबयहाँ
कोईबतलाएतोमज़हबधूपका
मुश्किलोंमेंसाथकोईभीनहीं
आजसमझेहमतोमतलबधूपका
गर्ममौसमसेपरेशाँसबहुए
जिस्मठंडाकरदेरबधूपका
छाँवघरसेओढ़करनिकलाकरो
क्यापतामौसमढलेकबधूपका
पढ़केआएँफिरनयाकोईसबक़
खुलगयाहैदेखोमतलबधूपका
छाँवतबहासिलहुईमुझको'अहद'
तयकियाहरदिनसफ़रजबधूपका
  - Amit Ahad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy