qissa-e-khaak to kuchh KHaak se aage tak tha | क़िस्सा-ए-ख़ाक तो कुछ ख़ाक से आगे तक था

  - Ameen Adirai
क़िस्सा-ए-ख़ाकतोकुछख़ाकसेआगेतकथा
गीलीमिट्टीकासफ़रचाकसेआगेतकथा
मैंबशरथासोमिरेपाँवसेलिपटीथीज़मीं
औरचर्चामिराअफ़्लाकसेआगेतकथा
शो'ला-ए-इश्क़ग़म-ए-हिज्रसर-ए-शहर-ए-हुजूम
इकगरेबानथासद-चाकसेआगेतकथा
ख़ामुशीकर्बलहूरंगमेंडूबेहुएफूल
मरहलादीदा-ए-नमनाकसेआगेतकथा
लौटआयाहूँयहीदेखकेइकदश्तसेमें
एकजुब्बामेरीपोशाकसेआगेतकथा
रहगईंशहर-ए-ख़िरदमेंहीउलझकरसोचें
इकजहाँऔरभीइदराकसेआगेतकथा
दस्त-ए-सुक़रातपेरक्खेहुएप्यालेकाअमीन
ज़हर-ए-क़ातिलकिसीतिरयाकसेआगेतकथा
  - Ameen Adirai
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy