jism-o-jaan men dar aayi is qadar aziyyat kyun | जिस्म-ओ-जाँ में दर आई इस क़दर अज़िय्यत क्यूँँ

  - Ambareen Haseeb ambar
जिस्म-ओ-जाँमेंदरआईइसक़दरअज़िय्यतक्यूँँ
ज़िंदगीभलातुझसेहोरहीहैवहशतक्यूँँ
सिलसिलामोहब्बतकासिर्फ़ख़्वाबहीरहता
अपनेदरमियाँआख़िरगईहक़ीक़तक्यूँँ
फ़ैसलाबिछड़नेकाकरलियाहैजबतुमने
फिरमिरीतमन्नाक्याफिरमिरीइजाज़तक्यूँँ
येअजीबउलझनहैकिससेपूछनेजाएँ
आइनेमेंरहतीहैसिर्फ़एकसूरतक्यूँँ
कर्र-ओ-फ़र्रसेनिकलेथेजोसमेटनेदुनिया
भरकेअपनेदामनमेंगएनदामतक्यूँँ
आपसेमुख़ातिबहूँआपहीकेलहजेमें
फिरयेबरहमीकैसीऔरयेशिकायतक्यूँँ
  - Ambareen Haseeb ambar
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