rooh-o-badan ki na-hamwaari badhti jaati hai | रूह-ओ-बदन की ना-हमवारी बढ़ती जाती है

  - Amaan Abbas
रूह-ओ-बदनकीना-हमवारीबढ़तीजातीहै
दुनियामेंकरदुश्वारीबढ़तीजातीहै
वक़्तसेसिर्फ़इतनाहीहोताहैकिवक़्तकेसाथ
नस्ल-ए-आदमकीमक्कारीबढ़तीजातीहै
झगड़ाकमनहींहोताहैकुफ्र-ओ-इस्लामकेबीच
अल्लाहऔरइबलीसकीयारीबढ़तीजातीहै
जितनाज़ियादाबढ़ताहैबाहरतामीरीकाम
इन्दरउतनीहीमिस्मारीबढ़तीजातीहै
ख़त्महुआजाताहैदख़्ल-ए-दिलसबकामोंसे
औरदुनियाकीहिस्से-दारीबढ़तीजातीहै
बंदरसेइंसानबनेथेअबइंसानसेक्या
रोज़ानायेफ़िक्रहमारीबढ़तीजातीहै
आदमीहोतेजातेहैंसबपागल-पनकाशिकार
औरमशीनोंकीहुश्यारीबढ़तीजातीहै
  - Amaan Abbas
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