is tarha tere hosh udaayenge kisi din | इस तरहा तेरे होश उड़ाएंगे किसी दिन

  - Altaf Iqbal
इसतरहातेरेहोशउड़ाएंगेकिसीदिन
महफ़िलमेंग़ज़लहमजोसुनाएंगेकिसीदिन
येसोचकेअबतकरहेबीमार,केहमको
वोशरबत-ए-दीदारपिलाएँगेकिसीदिन
हैमुझकोयकीइश्क़मेंउसशोखअदाके
हमशहरसक्याजानसेजाएँगेकिसीदिन
मानाकेहैइसकाममेंरुसवाईभी,लेकिन
हमबार-ए-मोहब्बतभीउठाएँगेकिसीदिन
क्याचीज़हैरहरहकेउन्हेंतकनाबताओ
वोहमकोगुनहगारबनाएँगेकिसीदिन
जोज़ुल्फ़ेपरिशानमेंउलझेंहैंउन्हेंहम
आदाब-ए-जूनुयाददिलाएंगेकिसीदिन
जोदेखेहैंअल्ताफ़हिक़ारतकिनज़रसे
वोलोगहीपलकोंपेबिठाएंगेकिसीदिन
  - Altaf Iqbal
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