यारबयेजहान-ए-गुज़राँख़ूबहैलेकिन
क्यूँँख़्वारहैंमर्दान-ए-सफ़ा-केशओहुनर-मंद
गोइसकीख़ुदाईमेंमहाजनकाभीहैहाथ
दुनियातोसमझतीहैफ़रंगीकोख़ुदावंद
तूबर्ग-ए-गयाहैनवहीअहल-ए-ख़िरदरा
ओकिश्त-ए-गुल-ओ-लालाब-बख़शदब-ख़रेचंद
हाज़िरहैंकलीसामेंकबाबओमय-ए-गुलगूँ
मस्जिदमेंधराक्याहैब-जुज़मौइज़ाओपंद
अहकामतिरेहक़हैंमगरअपनेमुफ़स्सिर
तावीलसेक़ुरआँकोबनासकतेहैंपाज़ंद
फ़िरदौसजोतेराहैकिसीनेनहींदेखा
अफ़रंगकाहरक़र्याहैफ़िरदौसकीमानिंद
मुद्दतसेहैआवारा-ए-अफ़्लाकमिराफ़िक्र
करदेइसेअबचाँदकेग़ारोंमेंनज़र-बंद
फ़ितरतनेमुझेबख़्शेहैंजौहरमलाकूती
ख़ाकीहूँमगरख़ाकसेरखतानहींपैवंद
दरवेश-ए-ख़ुदा-मस्तनशर्क़ीहैनग़र्बी
घरमेरानदिल्लीनसफ़ाहाँनसमरक़ंद
कहताहूँवहीबातसमझताहूँजिसेहक़
नेआबला-ए-मस्जिदहूँनतहज़ीबकाफ़रज़ंद
अपनेभीख़फ़ामुझसेहैंबेगानेभीना-ख़ुश
मैंज़हर-ए-हलाहलकोकभीकहनसकाक़ंद
मुश्किलहैइकबंदा-ए-हक़-बीन-ओ-हक़-अंदेश
ख़ाशाककेतोदेकोकहेकोह-ए-दमावंद
हूँआतिश-ए-नमरूदकेशो'लोंमेंभीख़ामोश
मैंबंदा-ए-मोमिनहूँनहींदाना-ए-असपंद
पुर-सोज़नज़र-बाज़ओनिको-बीनओकमआरज़ू
आज़ादओगिरफ़्तारओतहीकीसाओख़ुरसंद
हरहालमेंमेरादिल-ए-बे-क़ैदहैख़ुर्रम
क्याछीनेगाग़ुंचेसेकोईज़ौक़-ए-शकर-ख़ंद
चुपरहनसकाहज़रत-ए-यज़्दाँमेंभी'इक़बाल'
करताकोईइसबंदा-ए-गुस्ताख़कामुँहबंद