kabhi sadiyon ko lamha maarta hai | कभी सदियों को लम्हा मारता है

  - Ali Raza Razi
कभीसदियोंकोलम्हामारताहै
कभीदरियाकोक़तरामारताहै
कहींपरएककोमज
मेंनेमारा
कहींमज
मेंकोतन्हामारताहै
मैंयेफ़हम-ओ-फ़रासतबेचतोदूँ
मुझेदिलकाकटहरामारताहै
हवालेजबसेतेरेदिलकियाहै
उसेतेराहवालामारताहै
तुझेघरसेभगासकताहूँतेरे
मगरबहनोंकाचेहरामारताहै
मोहब्बतसेमिरीतुमजानलेलो
मुझेबससर्दलहजामारताहै
अदूकाँपेहैमेरानामसुनकर
मुझेमेरामसीहामारताहै
मैंजिसपरफ़र्ज़कीतकमीलकरदूँ
वोमेरेहक़पेडाकामारताहै
मिरेमालिकतिराबंदानहींक्या
वोजोमज़दूरबच्चामारताहै
  - Ali Raza Razi
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