badhti jaati hai pyaas aankhoñ ki | बढ़ती जाती है प्यास आँखों की

  - Ali Qaisar
बढ़तीजातीहैप्यासआँखोंकी
बातसमझोउदासआँखोंकी
इकइशाराहैमस्तनज़रोंका
इकनिशानीहैख़ासआँखोंकी
तेरेछालेमुझेबतातेहैं
तूनेचखलीमिठासआँखोंकी
सबकोहरवक़्तघूरतीहैंये
कोईतोलेक्लासआँखोंकी
अश्क-रेज़ीमैंकरतारहताहूँ
ताकिनिकलेभड़ासआँखोंकी
तुमज़राउसतरफ़निगाहकरो
लौसँभालेगादासआँखोंकी
माँकीबीनाईबुझगईलेकिन
टूटतीकबहैआसआँखोंकी
  - Ali Qaisar
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