wahin jahaan nadi kii raah men hain kohsaar aur | वहीं जहाँ नदी की राह में हैं कोहसार और

  - Ankit Yadav
वहींजहाँनदीकीराहमेंहैंकोहसारऔर
उसीजगहकियाकरोहमाराइंतिज़ारऔर
मुहब्बतोंकीआँचसेकोईतोकामलोबदन
किरोज़–रोज़बढ़रहाहैजिस्मकाबुख़ारऔर
अगरगुरेज़हैतुम्हेंहमारीजीतसेतोफिर
तुम्हारीएकजीतऔरहमारीएकहारऔर
हज़ारमर्तबातिरीतरफ़निगाहकीमगर
हज़ारमर्तबाकहाहैदिलनेएकबारऔर
तुम्हारेहुस्नसेजलेंगेकितनेहुस्नऔरफिर
तुम्हारेजिस्मसेबढ़ेगीजिस्मकीदरारऔर
  - Ankit Yadav
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