ab darmiyaañ koi bhi shikaayat nahin bachi | अब दरमियाँ कोई भी शिकायत नहीं बची

  - Aks samastipuri
अबदरमियाँकोईभीशिकायतनहींबची
या'नीक़रीबआनेकीसूरतनहींबची
अबऔरकोईसदमानहींझेलसकतामैं
अबऔरमेरीआँखोंमेंहैरतनहींबची
ख़ामोशियोंनेअपनाअसरकरदियाशुरूअ'
अबरिश्तेकोसदाकीज़रूरतनहींबची
हरसम्तसिर्फ़बातमोहब्बतकीहैरवाँ
या'नीजहाँमेंआजमोहब्बतनहींबची
फ़ुर्सतकेवक़्तइश्क़सेमहरूममैंरहा
फिरऐसावक़्तआयाकिफ़ुर्सतनहींबची
  - Aks samastipuri
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